लखनऊ : उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को पूरी तरह साफ-सुथरा और गलतियों से मुक्त बनाने के लिए चुनाव आयोग ने बड़ा अभियान चलाया है। विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के तहत अब करीब 2.89 करोड़ नाम वोटर लिस्ट से बाहर होने वाले हैं। पहले यह ड्राफ्ट लिस्ट 31 दिसंबर 2025 को जारी होने वाली थी, लेकिन अब निर्वाचन आयोग ने तारीख आगे बढ़ाकर 6 जनवरी 2026 कर दी है।
नई समय-सारिणी के अनुसार:

  • ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशन: 6 जनवरी 2026
  • दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि: 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक
  • अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन: 6 मार्च 2026
27 अक्टूबर 2025 तक राज्य में कुल 15.44 करोड़ मतदाता दर्ज थे। SIR जांच के बाद इनमें से लगभग 18.7% यानी 2.89 करोड़ नाम हटाए जाने की संभावना है, जिससे ड्राफ्ट लिस्ट में करीब 12.55 करोड़ मतदाता रह जाएंगे। प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए 1.11 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं।
नाम कटने के मुख्य कारण:

  • पता बदल चुके (स्थानांतरित): करीब 1.26 करोड़
  • लंबे समय से अनुपस्थित (Absent): 83.73 लाख
  • मृत मतदाता: 46 लाख
  • डुप्लीकेट एंट्री (एक से ज्यादा जगह नाम): 23.70 लाख
  • अन्य तकनीकी खामियां: 9.57 लाख
चुनाव आयोग का कहना है कि यह कवायद ‘शुद्ध निर्वाचक नामावली – मजबूत लोकतंत्र’ के थीम पर चल रही है, ताकि फर्जी या गलत एंट्री हटें और हर पात्र मतदाता शामिल हो। अगर आपका नाम प्रभावित हुआ है तो ड्राफ्ट लिस्ट आने के बाद फॉर्म-6 भरकर दोबारा आवेदन कर सकते हैं। मतदाताओं से अपील है कि वे voters.eci.gov.in पर अपनी स्थिति जरूर चेक करें और समय पर दावा दर्ज कराएं।यह बदलाव प्रक्रिया को और सटीक बनाने के लिए किया गया है, ताकि आने वाले चुनावों में वोटर लिस्ट पूरी तरह विश्वसनीय हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *