नई दिल्ली : कर्ज के बोझ से दबी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया (Vi) को केंद्र सरकार ने साल के आखिरी दिन बड़ी राहत दी। बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट ने कंपनी के AGR (एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू) बकाये को 31 दिसंबर 2025 की स्थिति के अनुसार 87,695 करोड़ रुपये पर फ्रीज कर दिया। अब इस राशि का भुगतान वित्त वर्ष 2031-32 (FY32) से FY41 तक 10 साल की अवधि में किया जाएगा, यानी कंपनी को पांच साल की अतिरिक्त मोहलत मिल गई।
दूरसंचार विभाग इस फ्रीज राशि का पुनर्मूल्यांकन करेगा, जिसमें डिडक्शन वेरिफिकेशन गाइडलाइंस और ऑडिट रिपोर्ट्स को आधार बनाया जाएगा। हालांकि, वित्त वर्ष 2017-18 और 2018-19 के AGR बकाये पर कोई बदलाव नहीं होगा—ये मौजूदा शेड्यूल के अनुसार FY26 से FY31 के बीच चुकाए जाएंगे।यह फैसला टेलीकॉम सेक्टर में तीन खिलाड़ियों की प्रतिस्पर्धा बनाए रखने, सरकार की करीब 49% हिस्सेदारी की सुरक्षा करने और कंपनी के 20 करोड़ उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए लिया गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इससे Vi को कैश फ्लो में सुधार मिलेगा, जिससे 5G नेटवर्क रोलआउट, अपग्रेड और नए निवेश के लिए फंड जुटाना आसान होगा। कंपनी की स्थिरता बढ़ सकती है, बशर्ते ARPU (औसत राजस्व प्रति यूजर) में वृद्धि और सब्सक्राइबर बेस मजबूत हो।इसी कैबिनेट बैठक में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए दो प्रमुख सड़क परियोजनाओं को भी हरी झंडी मिली। महाराष्ट्र में 374 किमी लंबा नासिक-सोलापुर-अक्कलकोट ग्रीनफील्ड 6-लेन हाई-स्पीड कॉरिडोर बनेगा, जिसकी लागत 19,142 करोड़ रुपये होगी। यह सूरत-चेन्नई कॉरिडोर का हिस्सा है और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा, जिससे यात्रा समय और दूरी काफी कम होगी।
ओडिशा में NH-326 के 206 किमी हिस्से को 2-लेन से 2-लेन विद पेव्ड शोल्डर में अपग्रेड किया जाएगा, जिस पर 1,526 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह गजपति, रायगढ़ा और कोरापुट जैसे आदिवासी जिलों की कनेक्टिविटी सुधारेगा, लॉजिस्टिक्स मजबूत करेगा और गोपालपुर पोर्ट तक पहुंच आसान बनाएगा।ये परियोजनाएं कुल 20,668 करोड़ की हैं और रोजगार सृजन के साथ आर्थिक गतिविधियों को गति देंगी।


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