न्यूयॉर्क/काराकास। अमेरिका की वेनेजुएला में बड़ी सैन्य कार्रवाई के बाद पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर अमेरिका ले जाया गया है। इस घटना ने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है, और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने सोमवार को इमरजेंसी बैठक बुलाई है, जहां अमेरिकी एक्शन पर विस्तृत चर्चा होगी।शनिवार सुबह हुई इस कार्रवाई में अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस ने काराकास में मादुरो के आवास पर छापा मारा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद सोशल मीडिया पर घोषणा की कि बड़े पैमाने पर सैन्य हमले के दौरान मादुरो दंपति को हिरासत में लिया गया और उन्हें देश से बाहर ले जाया गया।
ट्रंप ने USS इयो जिमा युद्धपोत पर मादुरो की तस्वीर साझा की, जबकि व्हाइट हाउस से जारी वीडियो में उन्हें हथकड़ी लगाकर ले जाते दिखाया गया। मादुरो को न्यूयॉर्क ले जाया गया है, जहां वे नार्को-टेररिज्म और ड्रग तस्करी के आरोपों का सामना करेंगे।संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस कार्रवाई को “खतरनाक मिसाल” करार देते हुए गहरी चिंता जताई है। उनके प्रवक्ता स्टेफेन डुजारिक ने कहा कि यह घटना अंतरराष्ट्रीय कानून और UN चार्टर का उल्लंघन है, जिसके क्षेत्रीय स्तर पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
गुटेरेस ने सभी पक्षों से संयम और संवाद की अपील की है।कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा की और इसे वेनेजुएला की संप्रभुता तथा लैटिन अमेरिका की सुरक्षा पर हमला बताया। पेट्रो ने जोर दिया कि किसी देश के आंतरिक मामलों का हल शांतिपूर्ण तरीके से वहां के लोगों द्वारा ही होना चाहिए, न कि बाहरी सैन्य हस्तक्षेप से।वर्तमान में UNSC की रोटेटिंग प्रेसिडेंसी किसी अफ्रीकी देश के पास है, और बैठक में भविष्य के कदमों, क्षेत्रीय शांति तथा अंतरराष्ट्रीय नियमों के पालन पर फोकस रहेगा। इस घटना से लैटिन अमेरिका में तनाव बढ़ गया है, जबकि वेनेजुएला में स्थिति शांत लेकिन अनिश्चित बनी हुई है।यह कार्रवाई महीनों की बढ़ती तनाव की परिणति है, जिसमें अमेरिका ने मादुरो पर ड्रग तस्करी के गंभीर आरोप लगाए थे। विश्व समुदाय अब इस विकास पर बारीकी से नजर रखे हुए है।

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