रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार के नए ‘विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025’ (संक्षिप्त में वीबी–जी राम जी) की जमकर तारीफ की। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण विकास की दिशा में उठाया गया ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह अधिनियम गांवों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने का मील का पत्थर साबित होगा।सीएम साय ने कहा कि यह नया कानून पुरानी मनरेगा का उन्नत और प्रभावी रूप है। जहां पहले 100 दिनों का रोजगार गारंटी था, अब ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का कानूनी रूप से सुनिश्चित रोजगार मिलेगा। इससे मजदूरों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने प्रमुख बदलावों पर प्रकाश डाला:
- तेज भुगतान: मजदूरी का पेमेंट अब 7 दिनों के अंदर अनिवार्य। देरी हुई तो ब्याज के रूप में अतिरिक्त राशि मिलेगी।
- कृषि सुरक्षा: बुवाई-कटाई के पीक सीजन में 60 दिनों तक कार्य रोके जा सकेंगे, ताकि किसानों को मजदूर उपलब्ध रहें और पलायन रुके।
- भ्रष्टाचार पर रोक: फर्जी जॉब कार्ड, मशीनों का दुरुपयोग और अनियमितताएं अब स्वतः खत्म होंगी। बायोमेट्रिक, AI और रियल-टाइम मॉनिटरिंग से पारदर्शिता बढ़ेगी।
- फोकस एरिया: जल संरक्षण, ग्रामीण इंफ्रा, आपदा प्रबंधन और आजीविका संवर्धन पर विशेष जोर। कृषि, पशुपालन, मत्स्य और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा।
साय ने याद दिलाया कि 2014 में प्रधानमंत्री बनते ही मोदी जी ने सरकार को गरीबों को समर्पित करने का संकल्प लिया था, जिसकी झलक जनधन, उज्ज्वला, आवास और बिजली जैसी योजनाओं में दिखी। यह अधिनियम उसी संकल्प का प्रमाण है, जो विकसित भारत @2047 के विजन से जुड़ा है।प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश भाजपा महामंत्री यशवंत जैन, अखिलेश सोनी, उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्रही, कोषाध्यक्ष राम गर्ग, कार्यालय मंत्री अशोक बजाज, विधायक पुरंदर मिश्रा सहित कई नेता मौजूद रहे। सीएम ने विपक्ष पर भी निशाना साधा, कहा कि यह कानून गरीबों-मजदूरों के हित में है और ग्रामीण भारत में टिकाऊ विकास का नया अध्याय लिखेगा।


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