नई दिल्ली। नए साल के पहले सप्ताह में देश का मौसम पूरी तरह से अस्थिर हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में एक साथ कई चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं, जिनके प्रभाव से उत्तर भारत ठिठुरन भरी ठंड और घने कोहरे की चपेट में है, जबकि दक्षिणी राज्यों में भारी बारिश का दौर शुरू होने वाला है।
उत्तर भारत में बर्फबारी और शीतलहर का कहर
पश्चिमी विक्षोभ के असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपरी इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी दर्ज की जा रही है। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान में और गिरावट आई है, जिससे मैदानी इलाकों तक ठंड की लहर पहुंच गई है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में सुबह-शाम घना कोहरा छाया रहने से विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है, जिससे सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हो रहा है। 
IMD ने पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में अगले कुछ दिनों तक तापमान में 2-3 डिग्री की और गिरावट की चेतावनी दी है। बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी शीतलहर का असर बना रहेगा।
दक्षिण भारत में बारिश का नया दौर
दूसरी तरफ, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में सक्रिय चक्रवाती गतिविधियों के कारण तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना है। 9 और 10 जनवरी को तमिलनाडु के कई हिस्सों में बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि 11 जनवरी तक यह दौर जारी रहने का अनुमान है। केरल में बिजली चमकने और तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी है।
सक्रिय मौसम प्रणालियां
वर्तमान में सक्रिय प्रमुख सिस्टम:

  • उत्तर पाकिस्तान के पास पश्चिमी विक्षोभ
  • पूर्व-मध्य अरब सागर और लक्षद्वीप में निम्न स्तर का चक्रवाती परिसंचरण
  • दक्षिण बंगाल की खाड़ी में ऊपरी स्तर का चक्रवाती सर्कुलेशन
  • कोमोरिन क्षेत्र और आसपास निम्न स्तर की गतिविधि

इनके संयुक्त प्रभाव से अगले 4-5 दिनों तक मौसम ऐसा ही अस्थिर रहेगा। यात्रियों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि कोहरे से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है और बारिश से निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है। MD की सलाह है कि ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें, कोहरे में ड्राइविंग से बचें और बारिश प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी सावधानियां बरतें। मौसम की ताजा जानकारी के लिए IMD की वेबसाइट या ऐप चेक करते रहें।


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