वाशिंगटन : एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो हसल कल्चर और वर्क-लाइफ बैलेंस की बहस को फिर से गरमा रही है। AI स्टार्टअप Cluely (न्यूयॉर्क स्थित) के 22 वर्षीय चीफ मार्केटिंग ऑफिसर डैनियल मिन ने महज 8 महीने में अपनी लक्ज़री जॉब छोड़ दी। वजह? सालाना 3 लाख डॉलर (करीब 2.7 करोड़ रुपये) का पैकेज भी उन्हें मानसिक सुकून नहीं दे पाया।तेज़ शुरुआत, जल्दी थकानडैनियल ने मई 2025 में कंपनी जॉइन की थी। उस वक्त उनकी उम्र सिर्फ 21 साल थी। उन्होंने प्रतिष्ठित Wharton School से मार्केटिंग और ऑपरेशंस मैनेजमेंट में डिग्री ली थी। शुरूआत में स्टार्टअप की तेज़ रफ्तार, बड़ी ज़िम्मेदारी और CEO Roy Lee का सपोर्ट उन्हें बेहद रोमांचित कर रहा था।लेकिन महज चार महीने बाद चीजें बदलने लगीं। रोज़ाना 12 घंटे की ग्राइंडिंग, लगातार प्रेशर और एक जैसा काम उन्हें उबाऊ लगने लगा।
उन्होंने इंस्टाग्राम पर शेयर किए वायरल वीडियो में बताया:
इमोशनल इस्तीफा और CEO का सपोर्टजब डैनियल ने इस्तीफे की बात CEO से की, तो बातचीत के दौरान वो भावुक हो गए और रो पड़े। अच्छी बात ये रही कि CEO Roy Lee ने उनकी स्थिति को पूरी तरह समझा। उन्होंने डैनियल को कहा:
डैनियल ने कंपनी को एक भाईचारे जैसा बताया, जहां वो रोज़ 12 घंटे बिताते थे। लेकिन अंत में उन्हें एहसास हुआ कि पैसे से ज्यादा ज़रूरी है मानसिक शांति और निजी ज़िंदगी।सोशल मीडिया पर छिड़ी बहसये खबर सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गई है। युवा इसे प्रेरणा मान रहे हैं कि पैसा सब कुछ नहीं होता। वहीं कुछ इसे स्टार्टअप कल्चर की कड़वी हकीकत बता रहे हैं — जहां हाई सैलरी के साथ हाई बर्नआउट भी आता है।डैनियल मिन अब समझ चुके हैं कि सफलता सिर्फ पैकेज में नहीं, बल्कि सुकून और खुशियों में है। उनकी ये कहानी उन हजारों युवाओं को आईना दिखा रही है, जो ग्राइंड के नाम पर अपनी ज़िंदगी कुर्बान कर रहे हैं।क्या आप भी कभी ऐसे क्रॉसरोड पर पहुंचे हैं? क्या पैसा या सुकून — आप क्या चुनेंगे?


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