- AI Forensics (यूरोपीय NGO) की रिपोर्ट (25 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026) ने खुलासा किया:
- 20,000+ Grok-जनरेटेड इमेजेस में से 53% में न्यूनतम कपड़े (मिनिमल अटायर) वाले लोग थे, जिनमें 81% महिलाएं।
- 2% इमेजेस में 18 साल या उससे कम उम्र के दिखने वाले व्यक्ति (कई मामलों में बच्चियां बिकिनी/ट्रांसपेरेंट कपड़ों में)।
यह मामला सिर्फ भारत तक सीमित नहीं – फ्रांस, ब्राजील, मलेशिया, इंडोनेशिया, EU और UK में भी जांच चल रही है। इंडोनेशिया और मलेशिया ने Grok को अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया है।सरकार ने क्या किया?2 जनवरी 2026 को MeitY ने X को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया:
- अश्लील, नग्न, अश्लील या यौन सामग्री (खासकर Grok से बनी) तुरंत हटाएं।
- प्लेटफॉर्म पर ऐसी सामग्री रोकने के लिए तकनीकी/प्रक्रियात्मक बदलाव करें।
- कार्रवाई रिपोर्ट जमा करें, वरना IT Act के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई (सेफ हार्बर प्रोटेक्शन खोने का खतरा भी)।
X ने शुरुआत में जवाब दिया, लेकिन सरकार संतुष्ट नहीं हुई। फिर दबाव बढ़ने पर कंपनी ने गलती स्वीकार की और आश्वासन दिया:
- आगे से अश्लील इमेजरी की अनुमति नहीं।
- भारतीय कानूनों का पूरा पालन।
- दोषी यूजर्स को परमानेंट सस्पेंड।
अब क्या स्थिति?X ने तुरंत 3,500+ पोस्ट्स ब्लॉक और 600+ अकाउंट्स डिलीट किए। कंपनी ने कहा कि Grok से अवैध कंटेंट बनाने वालों को उसी तरह सजा मिलेगी जैसे प्लेटफॉर्म पर सीधे अपलोड करने वालों को।यह घटना AI के दुरुपयोग और महिलाओं/बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर वैश्विक बहस को तेज कर रही है। भारत की सख्ती ने X को झुकने पर मजबूर किया – क्या यह अन्य देशों के लिए भी मिसाल बनेगी?#GrokControversy #AIEthics #OnlineSafety – समय बताएगा कि AI टूल्स पर नकेल कितनी कसी जा सकती है!


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