मुंबई: भारतीय शेयर बाजार आज (13 जनवरी 2026) सुबह सकारात्मक नोट पर खुला, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई और सख्त टैरिफ नीति के कारण जल्द ही दबाव में आ गया। ट्रंप ने सोमवार को घोषणा की कि ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश को अमेरिका के साथ अपने सभी कारोबार पर 25% अतिरिक्त टैरिफ चुकाना होगा – यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है।इस घोषणा से वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ गई, खासकर उन देशों में जहां ईरान के साथ मजबूत व्यापारिक रिश्ते हैं। भारत ईरान के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में शामिल है, इसलिए बाजार में निवेशकों का भय साफ नजर आया।
- बाजार का रुख: सेंसेक्स शुरुआत में 250+ अंकों की मजबूती के साथ खुला और निफ्टी ने 25,800 का स्तर पार किया। लेकिन सुबह 10:12 बजे तक सेंसेक्स 90 अंकों की गिरावट के साथ 83,788 पर और निफ्टी 37 अंकों की कमी के साथ 25,752 पर पहुंच गया।
- विशेषज्ञों की राय: जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि ट्रंप की ये दंडात्मक टैरिफ नीतियां वैश्विक बाजारों पर लगातार असर डाल रही हैं, जिससे निवेशकों में डर का माहौल बना हुआ है।
कुछ सेक्टर्स और शेयरों ने बाजार को सपोर्ट दिया:
- इटरनल के शेयरों में 2.98% की तेजी
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में 0.79% की बढ़त
- टेक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक भी हरे निशान में मजबूत रहे
वहीं, गिरावट वाले प्रमुख नाम:
- लार्सन एंड टुब्रो (L&T) में 2.28% की कमी
- एचसीएल टेक में 2.13% गिरावट
- रिलायंस इंडस्ट्रीज में 1.12% का नुकसान
हालांकि, बाजार को कुछ राहत की उम्मीद भी जगी है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने पुष्टि की कि भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर वार्ता आज से फिर शुरू हो रही है। इससे निवेशकों को लगा कि दोनों देशों के बीच तनाव कम हो सकता है और ट्रंप की टैरिफ धमकियों का सीधा असर भारत पर कम पड़ेगा।कुल मिलाकर, बाजार में उथल-पुथल जारी है – एक तरफ मजबूत Q3 परिणामों की उम्मीद, दूसरी तरफ ट्रंप की ईरान नीति से जुड़ी भू-राजनीतिक और व्यापारिक अनिश्चितता। निवेशक अब आगे की वैश्विक घटनाक्रमों और भारत-अमेरिका वार्ता के नतीजों पर नजर रखे हुए हैं।


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