रायपुर : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के ग्राम दुधली में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी 2026 का आज भव्य और ऐतिहासिक समापन हुआ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और हजारों रोवर-रेंजरों को संबोधित करते हुए युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण का मजबूत आधार बताया।इस पांच दिवसीय (9 से 13 जनवरी) जंबूरी में देशभर से (और कुछ विदेशी प्रतिनिधियों सहित) 15 हजार से अधिक रोवर-रेंजरों ने हिस्सा लिया। विभिन्न राज्यों के युवाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, परेड, झांकियां, एथनिक फैशन शो और सेवा-आधारित गतिविधियों के माध्यम से भारत की विविधता में एकता का जीवंत चित्रण किया।

मुख्यमंत्री ने इसे एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना का साकार रूप करार दिया।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा:

  • स्काउटिंग महज एक गतिविधि नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति है। यह व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनना, टीम वर्क में विश्वास रखना और समाज के प्रति समर्पित रहना सिखाती है।
  • छत्तीसगढ़ का यह मातृभूमि का गौरव है कि देश में पहली बार इतने बड़े स्तर पर राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का आयोजन यहां हुआ।
  • भगवान श्रीराम के ननिहाल और माता शबरी की तपोभूमि छत्तीसगढ़ में आए सभी रोवर-रेंजरों का आत्मीय स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
  • युवा ही देश और राज्य का भविष्य हैं। स्वामी विवेकानंद के प्रसिद्ध उद्घोष – “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए” – को दोहराते हुए उन्होंने युवाओं को आत्मविश्वास, संकल्प और निरंतर प्रयास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

 

जंबूरी ने युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व, सेवा भावना और राष्ट्रीय एकता के मूल्यों को मजबूत किया। मुख्यमंत्री ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक भारत-श्रेष्ठ भारत की दृष्टि से जोड़ते हुए कहा कि यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान का मंच बना, बल्कि युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित भी कर रहा है।समापन समारोह में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, परेड और सामूहिक शपथ ग्रहण जैसे आयोजन हुए, जिससे पूरा मैदान उत्साह और जोश से भर गया। यह जंबूरी छत्तीसगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि साबित हुआ है, जो युवा ऊर्जा और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बन गया।


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