रायपुर : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में बड़ा विकास हुआ है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने निलंबित राज्य प्रशासनिक सेवा (RAS) अधिकारी सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया है। विशेष अदालत ने EOW के आवेदन को मंजूर करते हुए उन्हें 16 जनवरी तक EOW की हिरासत (रिमांड) में भेज दिया है। इस दौरान EOW टीम उनसे घोटाले से जुड़े तथ्यों, धन के लेन-देन और अन्य आरोपियों की भूमिका पर गहन पूछताछ करेगी।
पृष्ठभूमि और गिरफ्तारी का क्रम
- सौम्या चौरसिया पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में CMO में उप सचिव रह चुकी हैं।
- इस मामले में पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें गिरफ्तार किया था (PMLA के तहत), जहां वे जमानत पर रिहा हो चुकी हैं।
- ED की कार्रवाई के बाद EOW ने अपने अलग मामले में उन्हें हिरासत में लेने के लिए प्रोडक्शन वारंट के तहत विशेष अदालत में आवेदन किया।
- गिरफ्तारी की आशंका से बचने के लिए सौम्या ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी, लेकिन 13-15 जनवरी की सुनवाई में हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
- अग्रिम जमानत खारिज होने के तुरंत बाद EOW ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
घोटाले का स्केल
यह मामला 3200 करोड़ रुपये (कुछ रिपोर्ट्स में 2500-3200 करोड़) के शराब घोटाले से जुड़ा है, जिसमें शराब नीति में कथित अनियमितताएं, अवैध आय और राजस्व हानि के आरोप हैं। ED की जांच में सौम्या चौरसिया पर 115 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध राशि प्राप्त करने के आरोप लगे हैं। मामले में पूर्व आबकारी मंत्री, चैतन्य बघेल (भूपेश बघेल के बेटे) और कई अधिकारी शामिल हैं।आगे क्या?
- 16 जनवरी तक पूछताछ के बाद EOW उन्हें कोर्ट में पेश कर सकती है, जहां आगे की रिमांड या न्यायिक हिरासत की मांग हो सकती है।
- यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया तूफान ला सकती है, क्योंकि सौम्या चौरसिया मामले की मुख्य कड़ी मानी जा रही हैं।
- EOW का दावा है कि घोटाले से राज्य को भारी राजस्व नुकसान हुआ और अवैध कमाई हुई।
यह घटनाक्रम छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार विरोधी जांच को और तेज करेगा। स्थिति पर नजर बनी हुई है—आगे की पूछताछ से क्या नए खुलासे होते हैं, यह देखना होगा।


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