प्रयागराज : माघ मेला 2026 में बड़ा हादसा टला, लेकिन आग ने सब कुछ राख कर दिया! सेक्टर-5 स्थित नारायण शुक्ला धाम शिविर में मंगलवार शाम अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटें और काला धुआं 5 किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा था, जिससे कल्पवासियों और श्रद्धालुओं में दहशत फैल गई।शिविर में करीब 50 कल्पवासी मौजूद थे, जो शाम की तैयारी में लगे हुए थे। आग इतनी तेजी से फैली कि 15 टेंट पूरी तरह जलकर खाक हो गए।
शिविर के बाहर लगी 20 दुकानें भी आग की चपेट में आ गईं – सामान, कपड़े, पूजा सामग्री सब कुछ राख! राहत की बात ये कि समय रहते सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए – कोई बड़ी जान-माल की हानि नहीं हुई (हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में एक कल्पवासी के हल्के झुलसने की बात कही गई है)।फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों और स्थानीय पुलिस-संतों ने डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। शुरुआती जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है – मेला क्षेत्र में बिजली की ओवरलोडिंग या पुरानी वायरिंग से ऐसा होना आम है।माघ मेला अभी चल रहा है (पौष पूर्णिमा से शुरू होकर महाशिवरात्रि तक), और मकर संक्रांति स्नान से पहले ये घटना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रही है।
प्रशासन ने आसपास के शिविरों को अलर्ट कर दिया है – अग्निशमन उपकरण चेक करने और सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।ये आग न सिर्फ शिविर को राख कर गई, बल्कि कल्पवासियों के सामान और दुकानदारों की कमाई पर भी भारी पड़ गई। लेकिन सबसे बड़ी राहत – कोई जान नहीं गई। मेला प्रशासन ने कहा है कि प्रभावित लोगों की मदद की जाएगी।प्रयागराज में माघ मेला आस्था का महासागर है, लेकिन ऐसी घटनाएं याद दिलाती हैं कि सुरक्षा कितनी जरूरी है। सभी श्रद्धालुओं से अपील – बिजली के उपकरण सावधानी से इस्तेमाल करें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत सूचना दें।


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