अमलापुरम (कोनासीमा): आंध्र प्रदेश के डॉ. बीआर अंबेडकर कोनासीमा जिले में सोमवार (5 जनवरी 2026) को ONGC के मोरी-5 कुएं पर बड़ा हादसा हो गया। मलिकिपुरम मंडल के इरुसुमांडा गांव के पास प्रोडक्शन बढ़ाने के काम के दौरान गैस पाइपलाइन में रिसाव हुआ, जिससे जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। आग इतनी भयानक थी कि आसपास के सैकड़ों नारियल के पेड़ जलकर खाक हो गए और काले धुएं का गुबार पूरे इलाके में फैल गया।
यह कुआं ONGC के प्रोडक्शन एन्हांसमेंट कॉन्ट्रैक्टर ‘डीप इंडस्ट्रीज लिमिटेड’ द्वारा संचालित किया जा रहा था। कंपनी को 2024 में राजमहेंद्रवरम एसेट के लिए 1402 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट मिला था। हादसा वर्कओवर ऑपरेशन (मरम्मत कार्य) के दौरान हुआ, जब हाई प्रेशर गैस और क्रूड ऑयल अचानक बाहर निकला और आग लग गई। लपटें 100 फीट से ज्यादा ऊंची बताई जा रही हैं।सुरक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन ने तुरंत ऐक्शन लिया और 4 किलोमीटर दायरे में आने वाले दो-तीन गांवों को खाली कराया। लाउडस्पीकर से घोषणाएं कर लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया। राहत की बात यह है कि अभी तक किसी के हताहत या घायल होने की कोई सूचना नहीं है।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने घटना की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिए कि आग पर जल्द काबू पाया जाए तथा लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। ONGC की क्राइसिस मैनेजमेंट टीम, फायर ब्रिगेड और NDRF की टीमें मौके पर पहुंचकर आग बुझाने और रिसाव रोकने में जुटी हैं। अंतरराष्ट्रीय स्पेशलिस्ट्स की मदद भी ली जा रही है।ONGC ने बयान जारी कर कहा कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और अतिरिक्त उपकरण नरसापुरम समेत आसपास से मंगवाए गए हैं। जांच के बाद हादसे के सटीक कारणों का पता चलेगा। फिलहाल, आग पर काबू पाने के प्रयास युद्धस्तर पर जारी हैं।

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