ढाका: बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर लक्षित हमलों की श्रृंखला जारी है। सोमवार (5 जनवरी 2026) शाम जशोर जिले के मोनिरामपुर उपजिला स्थित कोपलिया बाजार में 38 वर्षीय हिंदू कारोबारी और स्थानीय अखबार के कार्यकारी संपादक राणा प्रताप बैरागी की अज्ञात हमलावरों ने सिर में कई गोलियां मारकर और गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी। घटना व्यस्त बाजार में हुई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।
राणा प्रताप बैरागी केशवपुर उपजिला के अरुआ गांव के निवासी थे। वे कोपलिया बाजार में आइस फैक्ट्री चलाते थे और नारैल से प्रकाशित ‘दैनिक बीडी खबर’ के कार्यकारी संपादक थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मोटरसाइकिल पर आए तीन हमलावरों ने उन्हें फैक्ट्री से बाहर बुलाया, एक गली में ले जाकर सिर में तीन गोलियां मारीं और गला रेत दिया। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन मकसद स्पष्ट नहीं है। कुछ रिपोर्ट्स में इसे प्रतिबंधित ‘पूरबो बांग्लार कम्युनिस्ट पार्टी’ के आंतरिक विवाद से जोड़ा जा रहा है, क्योंकि बैरागी उसके सक्रिय सदस्य बताए जा रहे हैं।यह हत्या पिछले तीन हफ्तों में हिंदू समुदाय पर हुई पांचवीं बड़ी वारदात है।
इससे पहले:

  • दीपू चंद्र दास को भीड़ ने पीट-पीटकर और जलाकर मार डाला।
  • अमृत मंडल की उगाही के आरोप में हत्या।
  • बृजेंद्र बिस्वास को गोली मारी गई।
  • खोकन दास पर चाकू से हमला कर पेट्रोल डालकर जलाया गया (बाद में मौत)।
सोमवार रात ही नरसिंगड़ी में एक अन्य हिंदू दुकानदार की भी हत्या हुई, जिससे 24 घंटे में दो हत्याएं हो गईं। हिंदू संगठनों ने इसे अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। भारत ने भी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं पर हमलों को लेकर बार-बार चिंता जताई है।बांग्लादेश पूजा उत्सव समिति के अध्यक्ष ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि यह हिंसा का सिलसिला चिंताजनक है। पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन समुदाय में डर का माहौल है। फरवरी में होने वाले चुनावों से पहले ऐसी घटनाएं कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही हैं।

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