वृंदावन। आजकल न्यूमरोलॉजी और ज्योतिष के नाम पर लोग अपना नाम या उसकी स्पेलिंग बदलकर भाग्य चमकाने की कोशिश करते हैं। कई लोग मानते हैं कि नाम में अक्षर जोड़ने-घटाने या नंबर बदलने से जीवन की सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी और सफलता अपने आप चली आएगी। लेकिन वृंदावन के प्रसिद्ध संत श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज (प्रेमानंद महाराज) ने इस धारणा को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
हाल ही में एक सत्संग में जब एक भक्त ने महाराज जी से पूछा कि क्या नाम की स्पेलिंग बदलने से सच में किस्मत बदल जाती है, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए स्पष्ट जवाब दिया – “नाम बदलने या स्पेलिंग में फेरबदल करने से कुछ नहीं होता। अगर ऐसा होता, तो आज दुनिया का हर व्यक्ति नाम बदलकर अमीर और सफल बन चुका होता।”
महाराज जी ने समझाया कि कई लोग नाम बदलने के बाद सफलता का दावा करते हैं, लेकिन यह महज संयोग होता है। असल सफलता उनके पुराने अच्छे कर्मों, मेहनत या पूर्व जन्मों के पुण्य का फल होती है, न कि नाम परिवर्तन का। ऐसे टोटकों में पड़कर लोग अपना समय, पैसा और ऊर्जा बर्बाद करते हैं।भाग्य बदलने का असली रास्ता क्या है?
प्रेमानंद महाराज के अनुसार, जीवन में सच्चा बदलाव बाहरी उपायों से नहीं, बल्कि आंतरिक सुधार से आता है। उन्होंने कहा:

  • अच्छे कर्म करें – सत्य बोलें, ईमानदारी से जीएं, दूसरों की मदद करें।
  • सबसे बड़ा उपाय है भगवान का नाम जप
  • खासकर “राधे-राधे” का जप मन को शांत करता है, नकारात्मकता दूर करता है और सकारात्मक ऊर्जा लाता है।
महाराज जी ने रत्न पहनने, अंगूठी धारण करने या ऐसे अन्य टोटकों को भी व्यर्थ बताया। उनका संदेश साफ है – भगवान का नाम लेने से जीवन बदलता है, अपना नाम बदलने से नहीं। सच्ची भक्ति, अच्छे कर्म और राधा नाम का जप ही भाग्य को सकारात्मक दिशा दे सकता है।यह उपदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लाखों लोग इसे जीवन का मार्गदर्शन मान रहे हैं।

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