जयपुर। राजस्थान की पिंक सिटी जयपुर अब डिजिटल क्रांति का नया केंद्र बनने की राह पर है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में ‘राजस्थान रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस 2026’ को संबोधित करते हुए बड़ी घोषणा की कि शहर में शीघ्र ही एक बड़ा डेटा सेंटर स्थापित होगा। यह डेटा सेंटर ई-गवर्नेंस और डिजिटल समावेशन पर विशेष फोकस के साथ तैयार किया जाएगा, जिससे राज्य की तकनीकी आधारभूत संरचना को मजबूती मिलेगी।
मंत्री ने यह भी ऐलान किया कि इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए उद्योग संगठनों के सहयोग से 5,000 युवाओं को विशेष कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा, देशभर में 10 लाख युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) स्किल्स प्रदान करने का राष्ट्रीय कार्यक्रम शुरू हो चुका है, जिसमें राजस्थान के युवा भी बड़े पैमाने पर लाभान्वित होंगे।वैष्णव ने गर्व जताते हुए बताया कि स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के 2025 ग्लोबल एआई वाइब्रेंसी इंडेक्स में भारत को दुनिया के टॉप-3 देशों में जगह मिली है। अमेरिका और चीन के बाद भारत का यह स्थान देश की तेजी से बढ़ती तकनीकी ताकत का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि आईटी इंडस्ट्री भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव है और राजस्थान इसमें महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य की नई एआई और मशीन लर्निंग पॉलिसी 2026 लॉन्च की। उन्होंने कहा कि यह पॉलिसी सार्वजनिक सेवाओं को तेज, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाएगी, साथ ही नवाचार आधारित आर्थिक विकास को गति देगी। राज्य सरकार टेक स्टार्टअप्स के लिए अनुकूल माहौल बनाने पर जोर दे रही है, ताकि राजस्थान उभरती तकनीकों का हब बने।यह आयोजन ‘राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026’ के समापन का हिस्सा था, जिसमें डिजिटल नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम पर व्यापक चर्चा हुई। इन घोषणाओं से राजस्थान के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे और राज्य डिजिटल इंडिया की दिशा में आगे बढ़ेगा।


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