रायपुर: छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य में कुल 82.18 लाख राशन कार्ड हैं, जिनसे जुड़े 2.73 करोड़ सदस्यों में से अब तक 2.30 करोड़ (लगभग 85%) ने अपनी ई-केवाईसी पूरी कर ली है। शेष करीब 30 लाख सदस्यों की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। यह प्रयास केंद्र सरकार के निर्देश पर वास्तविक हितग्राहियों तक खाद्यान्न पहुंचाने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए किया जा रहा है।
ई-केवाईसी कैसे कराएं?
- राज्य की 14,040 उचित मूल्य दुकानों पर लगी ई-पॉस मशीन से आसानी से।
- घर बैठे “मेरा राशन” या “मेरा ई-केवायसी” ऐप डाउनलोड करके – आधार नंबर डालें, ओटीपी आएगा और फेस ऑथेंटिकेशन से प्रक्रिया पूरी।
इसके अलावा, राशन कार्डों में 99.7% आधार सीडिंग हो चुकी है, जो वितरण को और पारदर्शी बनाती है। राज्य की अनुमानित जनसंख्या के हिसाब से 89% आबादी PDS कवरेज में है।
किन्हें मिल रहा लाभ?
- 73 लाख प्राथमिकता वाले परिवारों को मुफ्त चावल (आयरन फोर्टिफाइड)।
- 8.5 लाख अन्य परिवारों को रियायती दर पर चावल।
- कुल 2.73 करोड़ लोग खाद्यान्न सुरक्षा योजना से जुड़े।
खास योजना दूरस्थ इलाकों के लिए
बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नियद नेल्लानार योजना के तहत बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और कांकेर के 402 दूरस्थ गांवों में 42,220 राशन कार्डधारियों को चावल के साथ चना, शक्कर, नमक और गुड़ मुफ्त दिया जा रहा है। यह योजना आदिवासी क्षेत्रों में विकास और बुनियादी सुविधाओं को पहुंचाने का बड़ा माध्यम बन रही है।खाद्य विभाग का कहना है कि ई-केवायसी से फर्जीवाड़ा रुकेगा और सही लोगों तक लाभ पहुंचेगा। बाकी सदस्य जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करें, ताकि राशन में कोई रुकावट न आए!
बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नियद नेल्लानार योजना के तहत बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और कांकेर के 402 दूरस्थ गांवों में 42,220 राशन कार्डधारियों को चावल के साथ चना, शक्कर, नमक और गुड़ मुफ्त दिया जा रहा है। यह योजना आदिवासी क्षेत्रों में विकास और बुनियादी सुविधाओं को पहुंचाने का बड़ा माध्यम बन रही है।खाद्य विभाग का कहना है कि ई-केवायसी से फर्जीवाड़ा रुकेगा और सही लोगों तक लाभ पहुंचेगा। बाकी सदस्य जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करें, ताकि राशन में कोई रुकावट न आए!


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