तेहरान : ईरान में मुद्रा के रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिरने और 40 प्रतिशत से अधिक महंगाई के कारण शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब देश के कई प्रांतों में फैल चुके हैं। दुकानदारों और व्यापारियों से शुरू हुआ यह आंदोलन अब छात्रों और आम जनता तक पहुंच गया है, जिसमें सरकार विरोधी नारे लग रहे हैं। सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में कम से कम छह लोगों की मौत की खबरें हैं, जबकि कई घायल हुए हैं।

प्रदर्शन दिसंबर 2025 के अंत में तेहरान के ग्रैंड बाजार से शुरू हुए, जब ईरानी रियाल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया। इसके बाद यह तेजी से इस्फहान, शिराज, मशहद और ग्रामीण इलाकों तक फैल गया। प्रदर्शनकारी महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक कुप्रबंधन के खिलाफ नारे लगा रहे हैं, साथ ही “डेथ टू डिक्टेटर” जैसे नारे से सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई पर हमला कर रहे हैं। कुछ जगहों पर “न गाजा, न लेबनान, मेरी जान ईरान के लिए” जैसे नारे भी सुनाई दिए, जो विदेश नीति पर असंतोष दिखाते हैं।

सबसे तनावपूर्ण स्थिति चहारमहल और बख्तियारी प्रांत के लॉर्डेगान शहर में रही, जहां सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सड़कों पर जमा भीड़ और पृष्ठभूमि में गोलीबारी की आवाजें सुनी जा सकती हैं। अर्धसरकारी एजेंसी फार्स न्यूज के अनुसार, यहां झड़पों में दो लोगों की मौत हुई। मानवाधिकार संगठनों ने भी मौतों की पुष्टि की है। लोरेस्तान प्रांत के अजना और कुहदाश्त में भी हिंसा हुई, जहां एक बासिज मिलिशिया सदस्य की मौत की खबर है, जबकि अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को जिम्मेदार ठहराया। कुल मिलाकर, विभिन्न प्रांतों में छह से अधिक मौतें रिपोर्ट की गई हैं।

यह आंदोलन 2022 के महसा अमिनी प्रदर्शनों के बाद सबसे बड़ा माना जा रहा है, हालांकि अभी देशव्यापी स्तर तक नहीं पहुंचा। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी और पश्चिमी प्रतिबंधों, जून 2025 में इजरायल-अमेरिका के साथ 12 दिवसीय युद्ध के बाद की आर्थिक क्षति और मुद्रा संकट ने जनता का गुस्सा भड़काया है। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने प्रदर्शनकारियों की शिकायतों को “वैध” मानते हुए संवाद की अपील की है, लेकिन सुरक्षा बलों की सख्ती बढ़ रही है।सरकार ने ठंड के बहाने कई प्रांतों में छुट्टी घोषित की, जिसे प्रदर्शनों को नियंत्रित करने की कोशिश माना जा रहा है। आने वाले दिनों में अगर आंदोलन और फैला तो ईरान की धार्मिक सरकार के लिए यह बड़ी चुनौती बन सकता है।


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