नई दिल्ली : भारतीय रेलवे ने यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण और सख्त फैसला लिया है। अब देश के छोटे और मध्यम स्टेशनों पर जहां सुपरफास्ट, एक्सप्रेस और सेमी-हाई स्पीड ट्रेनें बिना रुके (रन-थ्रू) तेज रफ्तार से गुजरती हैं, वहां यात्रियों को पहले से ही सावधान कर दिया जाएगा।रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को निर्देश जारी किया है कि ऐसी ट्रेनों के आने से पहले पूर्व-रिकॉर्डेड (pre-recorded) घोषणाएं अनिवार्य रूप से बजाई जाएंगी। ये घोषणाएं हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होंगी और पूरे देश में एक समान फॉर्मेट में लागू की जाएंगी।
घोषणा में क्या होगा?यात्रियों से अपील की जाएगी कि वे:
  • रेलवे ट्रैक पर बिल्कुल न चलें या पार न करें
  • प्लेटफॉर्म के किनारे से उचित सुरक्षित दूरी बनाए रखें
  • एक प्लेटफॉर्म से दूसरे पर जाने के लिए फुट ओवर ब्रिज (FOB) या सबवे का ही इस्तेमाल करें

 

 

रेलवे बोर्ड का मानना है कि तेज गति वाली ट्रेनों के कारण हवा का दबाव (suction effect) और तेज आवाज से यात्री अचानक बैलेंस खो सकते हैं, जिससे कई बार दुर्घटनाएं हो जाती हैं। छोटे स्टेशनों पर अक्सर यात्री प्लेटफॉर्म एज पर खड़े हो जाते हैं या शॉर्टकट के चक्कर में ट्रैक क्रॉस करते हैं — इस नए सिस्टम से ऐसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगेगी।तकनीकी सहायता कैसे मिलेगी?सिग्नल एवं टेलीकम्युनिकेशन (S&T) विभाग इन घोषणाओं को स्टेशन के पब्लिक एड्रेस सिस्टम से ऑटोमैटिकली ट्रिगर करने की व्यवस्था करेगा। ट्रेन के आने से कुछ मिनट पहले ही अलर्ट बज जाएगा।यह फैसला हाल के वर्षों में बढ़ी ट्रेनों की स्पीड (विशेषकर TAG 2026 के तहत 549 ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने) के साथ सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।यहां देखिए कुछ उदाहरण — छोटे स्टेशन पर तेज ट्रेन गुजरते समय प्लेटफॉर्म की स्थिति और सुरक्षित दूरी:


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