रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अब महज कुछ दिन बाकी हैं जब यहां पुलिस कमिश्नर सिस्टम औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा। राज्य सरकार ने 23 जनवरी 2026 को इस नई व्यवस्था को लागू करने का लक्ष्य रखा है। गृह विभाग द्वारा एक-दो दिनों में आधिकारिक अधिसूचना (नोटिफिकेशन) जारी होने की संभावना है, जिसके बाद रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की औपचारिक शुरुआत होगी।
प्रमुख तैयारी और कार्यक्रम
- 23 जनवरी को पुलिस लाइन में भव्य समारोह का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, डीजीपी और अन्य शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे।
- नोटिफिकेशन के साथ ही सरकार सबसे पहले ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) की नियुक्ति करेगी, जिसे 23 जनवरी से ही पहला पुलिस कमिश्नर बनाया जाएगा।
पहले पुलिस कमिश्नर कौन? रामगोपाल गर्ग आगेपिछले एक महीने से रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर के नाम को लेकर चर्चाएं तेज हैं। आईजी स्तर के कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम सामने आए, लेकिन सूत्रों के अनुसार 2007 बैच के आईपीएस रामगोपाल गर्ग की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है।
सरकार के स्तर पर हुए मंथन में इन नामों पर विचार हुआ:
- रामगोपाल गर्ग (वर्तमान दुर्ग आईजी)
- संजीव शुक्ला
- अभिषेक शांडिल्य
- दीपक झा
रायपुर के मौजूदा आईजी अमरेश मिश्रा भी मजबूत दावेदार थे, लेकिन ईओडब्ल्यू और एसीबी के महत्वपूर्ण मामलों की जिम्मेदारी के कारण उन्हें फिलहाल वर्तमान पद पर ही रखने का फैसला हुआ है। इससे रामगोपाल गर्ग की संभावनाएं और बढ़ गई हैं।
रामगोपाल गर्ग की प्रोफाइल
- 2007 बैच के आईपीएस अधिकारी
- छत्तीसगढ़ कैडर के अनुभवी और सख्त छवि वाले अफसर
- सीबीआई में लगभग 7 साल की सेवा, चंडीगढ़ में लंबे समय तक एसपी रहे
- डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम मामले की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका, जिसकी पुलिस महकमे में खूब सराहना हुई
- नियम-कानून की गहरी समझ, निष्पक्षता और सख्ती के लिए जाने जाते हैं
ज्वाइंट कमिश्नर की संभावना
सूत्रों के मुताबिक, रायपुर के मौजूदा एसएसपी लाल उमेद सिंह को ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर बनाए जाने की भी मजबूत संभावना है। हाल ही में डीआईजी पद पर पदोन्नत लाल उमेद सिंह को राजधानी की पुलिसिंग का लंबा अनुभव है। रामगोपाल गर्ग की रायपुर में पहले कोई पोस्टिंग नहीं रही, इसलिए स्थानीय अनुभव और ग्राउंड लेवल की समझ के लिए लाल उमेद सिंह को अहम भूमिका दी जा सकती है।क्या बदलेगा रायपुर में?पुलिस कमिश्नरेट लागू होने से:
- कानून-व्यवस्था पर ज्यादा तेज और केंद्रित कार्रवाई
- ट्रैफिक मैनेजमेंट में सुधार
- बड़े शहरों जैसी आधुनिक पुलिसिंग व्यवस्था
- अपराध पर त्वरित प्रतिक्रिया और बेहतर समन्वय
23 जनवरी को रायपुर पुलिस व्यवस्था में एक नया अध्याय शुरू होगा। सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आखिरकार पहला पुलिस कमिश्नर कौन बनेगा—लेकिन अधिकांश सूत्र रामगोपाल गर्ग को ही सबसे आगे बता रहे हैं।


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