मुंबई/नई दिल्ली। नए साल 2026 की शुरुआत में भारतीय शेयर बाजार ने जोरदार तेजी दिखाई है। लगातार तीन कारोबारी सत्रों में मजबूती के साथ आगे बढ़ते हुए बीते शुक्रवार को निफ्टी ने 26,340 का नया ऑल-टाइम हाई छुआ। कारोबार खत्म होने पर निफ्टी 182 अंकों (0.70%) की छलांग लगाकर 26,328.55 पर और सेंसेक्स 573 अंकों (0.67%) की बढ़त के साथ 85,762 पर बंद हुआ। बैंकिंग, मेटल और ऑटो सेक्टर की अगुआई में ब्रॉड-बेस्ड रैली देखने को मिली।मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले सप्ताह में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। निवेशक घरेलू आर्थिक इंडिकेटर्स के साथ-साथ वैश्विक घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखेंगे। खासकर अमेरिका की वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने ग्लोबल मार्केट्स में अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिसका असर कच्चे तेल की कीमतों और सेफ-हेवन एसेट्स जैसे सोने-चांदी पर दिख रहा है।
आने वाले हफ्ते के प्रमुख ट्रिगर्स:
- घरेलू स्तर पर: एचएसबीसी सर्विसेज और कंपोजिट पीएमआई के फाइनल आंकड़े, जीडीपी ग्रोथ डेटा, बैंकों के लोन-डिपॉजिट ग्रोथ और फॉरेक्स रिजर्व पर फोकस। ये आंकड़े सर्विस सेक्टर की सेहत और अर्थव्यवस्था की दिशा बताएंगे।
- वैश्विक मोर्चे पर: अमेरिका के नॉन-फार्म पेरोल (नौकरियां) और बेरोजगारी दर के आंकड़े अहम। इनसे फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर फैसले का अंदाजा लगेगा, जो उभरते बाजारों जैसे भारत को प्रभावित करते हैं। वेनेजुएला संकट से बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते क्रूड ऑयल में उछाल और गोल्ड-सिल्वर में रैली जारी रह सकती है।
- कमोडिटी और करेंसी: सोना-चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर के करीब हैं, जो रिस्क एवर्शन का संकेत है। डॉलर इंडेक्स मजबूत होने से रुपये पर दबाव बना हुआ है, जिसकी चाल भी बाजार को प्रभावित करेगी।
टेक्निकल व्यू: एक्सपर्ट्स के अनुसार, निफ्टी के लिए ऊपरी स्तरों पर 26,400 तत्काल रेजिस्टेंस है, इसके बाद 26,500-26,600 का लक्ष्य दिख रहा है। नीचे की ओर 26,200 और 26,100 पर मजबूत सपोर्ट है। अगर इंडेक्स 26,000 से नीचे फिसला, तो और गिरावट आ सकती है। फिलहाल बुलिश स्ट्रक्चर बरकरार है, लेकिन ग्लोबल अनिश्चितता से वोलेटिलिटी बढ़ सकती है।कंपनियों के Q3 नतीजों का सीजन नजदीक है, इसलिए कमाई के आंकड़े बाजार की दिशा तय करेंगे। निवेशकों को सलाह है कि डिप्स पर खरीदारी करें, लेकिन जोखिम को ध्यान में रखते हुए पोजीशंस मैनेज करें। वैश्विक संकेतों के बीच घरेलू मजबूती बाजार को सहारा दे रही है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है।


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