वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस से तेल और अन्य ऊर्जा संसाधन खरीदने वाले देशों पर कड़ी सजा देने वाले द्विदलीय विधेयक सैंक्शनिंग रशिया एक्ट 2025 (SRA 2025) को हरी झंडी दे दी है। रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने बुधवार को व्हाइट हाउस में ट्रम्प से मुलाकात के बाद ऐलान किया कि राष्ट्रपति ने इस बिल को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। अगले हफ्ते ही कांग्रेस में वोटिंग हो सकती है।
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस से तेल और अन्य ऊर्जा संसाधन खरीदने वाले देशों पर कड़ी सजा देने वाले द्विदलीय विधेयक सैंक्शनिंग रशिया एक्ट 2025 (SRA 2025) को हरी झंडी दे दी है। रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने बुधवार को व्हाइट हाउस में ट्रम्प से मुलाकात के बाद ऐलान किया कि राष्ट्रपति ने इस बिल को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। अगले हफ्ते ही कांग्रेस में वोटिंग हो सकती है।
बिल में सेकेंडरी सैंक्शन भी शामिल हैं, जो रूस के साथ परोक्ष कारोबार करने वाली कंपनियों और बैंकों को निशाना बनाएंगे। फ्रीज रूसी संपत्तियों को यूक्रेन के पुनर्निर्माण में इस्तेमाल करने का कानूनी रास्ता भी खुलेगा। अभी तक रूस पर सैंक्शन राष्ट्रपति के कार्यकारी आदेशों पर आधारित थे, लेकिन यह बिल उन्हें कानून बना देगा—भविष्य में इन्हें हटाने के लिए कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होगी। हालांकि, राष्ट्रपति को विशेष छूट का अधिकार रहेगा।
भारत के लिए यह झटका इसलिए बड़ा है क्योंकि पहले से ही रूसी तेल खरीद पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगा हुआ है, जिससे कुल टैरिफ 50% हो गया है। अगर बिल पास होता है, तो भारतीय निर्यात पर बोझ और बढ़ सकता है। भारत 15% तक टैरिफ कम करने और रूसी तेल वाले शुल्क हटाने की मांग कर रहा है, जबकि दोनों देशों के बीच ट्रेड डील पर बातचीत चल रही है।
ग्राहम और डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल द्वारा तैयार यह बिल द्विदलीय समर्थन वाला है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रम्प को रूस पर दबाव बनाने का ‘स्लेजहैमर’ देगा, लेकिन वैश्विक व्यापार पर गहरा असर पड़ेगा। भारत-चीन जैसे बड़े खरीदारों के लिए ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार संतुलन की नई चुनौती खड़ी हो गई है।


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