वाशिंगटन/तेहरान: ईरान में आयतुल्लाह अली खामेनेई की सरकार के खिलाफ जारी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बीच एक राहत की खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (14 जनवरी 2026) को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि उन्हें “भरोसेमंद स्रोतों” से जानकारी मिली है कि ईरान में प्रदर्शनकारियों की हत्याएं रुक गई हैं और जिन फांसियों की आशंका जताई जा रही थी, वे अब नहीं होंगी।यह बयान खासतौर पर 26 वर्षीय प्रदर्शनकारी इरफान सुल्तानी (Erfan Soltani) के मामले से जुड़ा माना जा रहा है, जिन्हें काराज शहर में विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था।
ईरानी कोर्ट ने उन्हें “ईश्वर के खिलाफ युद्ध छेड़ने” (मोहारेbeh) के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी और 15 जनवरी को उनकी फांसी प्रस्तावित थी। मानवाधिकार संगठनों और परिवार ने इसे लेकर गंभीर चिंता जताई थी।ट्रंप ने कहा, “मुझे बताया गया है कि ईरान में हत्या रुक गई है और कोई फांसी की योजना नहीं है। यह जानकारी बहुत महत्वपूर्ण स्रोतों से मिली है, जो दूसरी तरफ से हैं।” उन्होंने स्रोतों का नाम नहीं बताया, लेकिन जोर दिया कि आज (15 जनवरी) फांसी का दिन माना जा रहा था, लेकिन अब ऐसी कोई योजना नहीं है। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि यह जानकारी सही साबित होगी।
ट्रंप की चेतावनी और सैन्य विकल्पट्रंप ने पहले कई बार ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी कि अगर प्रदर्शनकारियों पर हिंसा जारी रही या फांसी दी गई तो अमेरिका “बहुत मजबूत कार्रवाई” करेगा। उन्होंने वेनेजुएला जैसे मामलों का हवाला देते हुए सैन्य हस्तक्षेप की संभावना से इनकार नहीं किया। जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या अब ईरान पर हमला का विकल्प खत्म हो गया, तो ट्रंप ने साफ कहा, “हम देखेंगे कि क्या होता है। मैं आपको नहीं बताऊंगा कि मैं क्या करने को तैयार हूं। अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम सब खुश होंगे, वरना आप (ईरान) भी बहुत परेशान होंगे।”ईरान की स्थिति और मौत का आंकड़ाईरान में विरोध प्रदर्शन पिछले दो हफ्तों से ज्यादा समय से जारी हैं, जो आर्थिक संकट, महंगाई और शासन के खिलाफ नाराजगी से शुरू हुए।
मानवाधिकार संगठनों (जैसे HRANA, Amnesty International) के अनुसार, अब तक 2,400 से 2,500 से ज्यादा प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं। हजारों गिरफ्तारियां हुईं हैं और इंटरनेट बंदी के कारण स्थिति की सटीक जानकारी मिलना मुश्किल है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि “प्रदर्शनकारियों की कोई फांसी की योजना नहीं है।”ट्रंप के बयान के बाद तनाव में कुछ कमी आई लगती है, लेकिन स्थिति नाजुक बनी हुई है। अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपने कुछ सैनिकों को सुरक्षित जगहों पर स्थानांतरित किया है, जबकि ईरान ने विदेशी हस्तक्षेप की चेतावनी दी है।विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान ईरान पर दबाव बनाने का हिस्सा है, लेकिन अगर फांसी या हिंसा जारी रही तो स्थिति और बिगड़ सकती है। फिलहाल, इरफान सुल्तानी सहित अन्य गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की जान को लेकर चिंता बनी हुई है, लेकिन ट्रंप की जानकारी से कुछ उम्मीद जगी है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *